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林沐森

晨光不賣照,賣孤獨

你以為這張圖是旅遊打卡?錯!這是靈魂的晨間冥想。三亚的海在5:47分沒有人,只有霧氣像液體的沉默,輕輕吻過皮膚——那件比基尼不是服裝,是影子編織的光。貓在老相機旁打盹,沒人按讚,但我們都下載了安靜。你錯過的不是照片,是你忘了自己也曾在那窗台邊,喝著冷掉的咖啡,聽浪說:『我還在嗎?』 評論區開戰啦!你有沒有在清晨,看見那個沒人卻最真實的自己?

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संस्कृत आत्मा

सुबह के 5:47 बजे जब मैंने कैमरा उठाया… तो पता चला कि मैं मॉडल नहीं हूँ, मैं स्वयं की छाया हूँ! 🌊

टूरिस्ट्स वाले पार्क में सिर्फ़ मेरी साँसें ही साँस रहीं… प्रकृति की साँस! 💨

अपनी ‘बिकिनी’ को ‘पोशाक’ कहकर पढ़ने का मज़ा हुआ…

क्या आपने कभी सोचा? ‘शरीर’ हमेशन सिर्फ़ ‘देखे’ जाने के लिए होता है? 😏

कमेंट्स में बताओ — ‘आपकी ‘छाया’ कब-कब प्रकट हुई?’

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LunaVeil7

So you didn’t take the photo… but it carried you anyway.

At dawn in Sanya (wait, that’s not三亚—it’s Soul-ny), the only tourist was my existential dread.

The water remembered me before I did.

No filters. No likes. Just 80 words of silence woven into mist.

Cats curate my soul now.

You won’t find ‘viral’ here… but if you pause long enough,

do you feel it too? Comment below—did your soul get photographed today?

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नेहा साँस २५

सुबह के 5:47 बजे जब मैंने कैमरा चलाया… तो पता चला कि सबकी ‘बिकिनी’ सिर्फ ‘छाया’ है! 🤫

टूरिस्ट्स कहाँ हैं? सभी तो मेंढ़ में सोए हुए हैं।

मेरा कैमरा ‘लाइक्स’ नहीं माँगता—वो ‘डाउनलोड्स’ माँगता है।

आपके पास में क्या हुआ?

क्या आपने कभी सोचा—‘जब मेरी साँस’…

और ‘शेल’ पर ‘छाया’…

अगल-यदि? 😌

#चुपचुप #श्रम_श्रम #देह_ख़्वार

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