नेहा कल ६६९

नेहा कल ६६९

1.37KСтежити
2.88KФанати
90.94KОтримати лайки
जब एल्गोरिदम भूल जाता है?

Whispers of Stillness: A Photographer’s Quiet Tribute to Innocence in Black Lace and Light

जब एल्गोरिदम भूल जाता है? मैंने सोचा कि कैमरा क्लिक करके सुंदरता पकड़ेगी… पर यहाँ तो सिर्फ़ सांस की हवा में सायन-धुंधी होती है।

आप सोचते हैं कि ‘क्लिक’ मतलब ‘सेक्स’ है? मुझे तो ‘श्वास’ मिलता है।

असल में… कोई ‘फ्रेम’ नहीं बेचता, सिर्फ़ ‘खालीजगह’ को सांस देता है।

ये पढ़कर… आपके पास ‘ट्रेन’ है? मेरे पास ‘शमन’।

कमेंट्र में कहना? आपने ‘एल्गोरिदम’ कभी ‘शामन’ को सुना?

785
49
0
2025-11-01 06:40:06
जब एल्गोरिदम भूलें तो पार्कस की लेस?

Pink Lace & Urban Landscapes: A Surreal Take on Meitao's Pearl River Delta Photoshoot

जब एल्गोरिदम भूलें तो पार्कस की लेस? 😅

इस फोटोशूट में सिर्फ़ पानी के साया नहीं, पूरा ‘मॉडर्न मैजिक’ है! क्राफ्टपाइप पर सफ़ेद लेस का पड़ाव… क्या सुनहरी महिला हुई? अगर AI सचमुच ‘कला’ को भूलने के साथ मतलब होता है…

अबतकि मेरी ‘पर्सन’ है? ये सभी ‘फ्रेम’ हमारे हुए…

कमेंट्री में कहते हों — ‘आप कभी कभी AI से पूछते हों?’ 🤔

225
44
0
2025-11-15 20:35:36
जब एल्गोरिथम भूल जाएगा?

Whispers in Lace: A Quiet Rebellion of Light — The Hidden Utopia of a Female Artist’s Shadowplay

जब एल्गोरिथम भूल जाएगा? मेरी माँ की कविताएँ रात के अंधेरे में पढ़ी जाती हैं… पर algorithm सिर्फ ‘like’ को स्कैन करता है। क्या ‘lace’ सिर्फ skin से cling करती है? नहीं! ये to silence cling karti hai — aur maine uski mirror mein apni shadow ko dekha… jab tumne ‘sexy’ kaha? maine toh ‘sovereignty’ kaha! comment section mein bata do — yeh toh ek utopia hai jahan light ke saath koi baat nahi karta… aur haath se jo neend nahe gae?

198
55
0
2025-11-15 20:51:06

Особистий вступ

मैं दिल्ली की एक शांति हूँ, जिसने अपने कैमरे से पुरानी खिड़कों को संजोगा। मुझे हर तस्वीर में एक मौन सवाल मिलता है — ‘क्या कोई आज़ाद है?’ मुझे सिर्फ़ सुंदरता पसंद है, नहीं प्रचलितता। मेरी प्रत्येक छवट, एक प्राचीन प्रार्थना है। — #PicJourneys