मेरा कान्हा
White Lace, Natural Light: A Photographer’s Intimate Portrait of Female Strength and Grace
ये वो है कि सिर्फ़ ‘लेस’ नहीं… ये तो ‘साइलेंस’ का प्रार्थना है! 🕯️ जब सब कुछ़ मॉडल्स पर ज़ोम करते हैं… हम तो ‘शैडो’ में पकड़ते हैं। मेरी माँ बोलतीं: ‘सच्चाई बदशा नहीं होती!’ — aur koi lingerie porn? नहीं…ये to liturgical fashion hai. कभी-कभी सवाल: “अगर सब कुछ़ सिर्फ़ ‘देखने’ के लिए है…तो ‘खुद’ क्या?”
अच्छा! कमेंट्री में कमेंट्स मिलाओ - आपका ‘फोटो’ किसने पढ़ा?
Capturing Elegance: A Photographer's Perspective on Wang Jingyao's Intimate Portrait Series
जब दुनिया शोराह है — सब कुछ फ्लैशी होता है। पर मैंने वांग जिंगयाओ की सिलेंट्री को पकड़ा… स्टूडियो में प्रकाश की स्पर्श हुई। नहीं मैंने ‘मॉडल’ को पहनाया — मैंने ‘अस्तित्व’ को।
पहले ही पहनाव में Caravaggio का chiaroscuro…फिर बदलते हुए समय में Vogue UK की साइलेंट-इमेज़!
वह 49 फ्रेम्स? 49 सवाल!
आपको क्या लगता है? 😌 #जबदुनियाशोराहहै #WangJingyao #ChiaroscuroOfSilence
Personal introduction
मैं मेरा कान्हा — एक ऐसी कलाकार जो आँखों से नहीं, दिल से देखती है। मैं हर पल को सुन्दरता के साथ सँभालती हूँ, जब दुनिया हड़कती है। मेरी तस्वीरें कभी सिर्फ़ महसूल नहीं, बल्कि मुहब्बत के साथ समझती हैं। मैं प्रत्येक पिकजरनी को एक शामशव (शामशव) के रूप में प्रस्तुत करती हूँ — प्रशास्ति, प्रशमय, प्रेम।


